Ho Gayi Hai Peer Parvat Si Pighalni Chahiye by Dushyant Kumar Recited by Simerjeet Singh | Hindi Inspirational Poem

हो गई है पीर पर्वत / दुष्यंत कुमार हो गई है पीर पर्वत-सी पिघलनी चाहिए इस हिमालय से कोई गंगा निकलनी चाहिए आज यह दीवार, परदों की तरह हिलने लगी शर्त थी लेकिन कि ये बुनियाद हिलनी चाहिए हर सड़क पर, हर गली में, हर नगर, हर गाँव में हाथ लहराते हुए हर लाश चलन...

Read More
Mar 09, 2021